केंद्रीय श्रम और रोजगार मामलों के राज्य मंत्री संतोष गंगवार ने हाल ही में एक विवादस्पद बयान दिया था जिसकी जमकर आलोचना हो रही है. उनके हिसाब से उत्तर भारतीय युवकों में नौकरी पाने की पर्याप्त “क्वालिटी” नहीं है. यही नहीं, जब टीवी एंकर ने उनसे इस बयान से जुड़े सवाल पूछे तो वो उनके कार्यक्रम से ही उठकर चले गए.
दरअसल, ABP न्यूज़ की एंकर रुबिका लियाकत संतोष गंगवार के दिए गए विवादित बयान पर उनका इंटरव्यू ले रही थीं. संतोष से बेरोज़गारी और उनके बयान पर सवाल पूछे गए, विपक्षी नेताओं द्वारा उठाए गए सवालों का भी ज़िक्र किया गया.
लेकिन संतोष गंगवार ने कहा कि जिन लोगों ने पिछले 70 सालों से सरकार चलाई है उनकी वजह से ही युवाओं का ‘स्तर’ अच्छा नहीं है. गंगवार ने एक तरह से अपने विवादित बयान को ही दोहराया है. जब वो सवालों के जवाब देने में असमर्थ रहे तो कार्यक्रम से ही उठ कर चले गए.
संतोष गंगवार के इस बयान की सोशल मीडिया पर खूब आलोचना हो रही है. प्रियंका गाँधी से लेकर मायावती ने इस बयान को गलत बताया है. अगर रोज़गार से जुड़े आंकड़ों को देखा जाए तो संतोष गंगवार का बयान अपने आप में गलत साबित हो जाता है.
इसी महीने की सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकॉनमी (CMIE) की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में बेरोज़गारी दर पिछले तीन सालों में सबसे ज़्यादा है, यानी कि 8.4%.
क्या मोदी सरकार के मंत्री इस तरह के बयान असल मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए करते हैं?
सोर्स Bolta Hindustan
दरअसल, ABP न्यूज़ की एंकर रुबिका लियाकत संतोष गंगवार के दिए गए विवादित बयान पर उनका इंटरव्यू ले रही थीं. संतोष से बेरोज़गारी और उनके बयान पर सवाल पूछे गए, विपक्षी नेताओं द्वारा उठाए गए सवालों का भी ज़िक्र किया गया.
लेकिन संतोष गंगवार ने कहा कि जिन लोगों ने पिछले 70 सालों से सरकार चलाई है उनकी वजह से ही युवाओं का ‘स्तर’ अच्छा नहीं है. गंगवार ने एक तरह से अपने विवादित बयान को ही दोहराया है. जब वो सवालों के जवाब देने में असमर्थ रहे तो कार्यक्रम से ही उठ कर चले गए.
संतोष गंगवार के इस बयान की सोशल मीडिया पर खूब आलोचना हो रही है. प्रियंका गाँधी से लेकर मायावती ने इस बयान को गलत बताया है. अगर रोज़गार से जुड़े आंकड़ों को देखा जाए तो संतोष गंगवार का बयान अपने आप में गलत साबित हो जाता है.
इसी महीने की सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकॉनमी (CMIE) की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में बेरोज़गारी दर पिछले तीन सालों में सबसे ज़्यादा है, यानी कि 8.4%.
क्या मोदी सरकार के मंत्री इस तरह के बयान असल मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए करते हैं?
सोर्स Bolta Hindustan
केंद्रीय श्रम और रोजगार मामलों के राज्य मंत्री संतोष गंगवार ने हाल ही में एक विवादस्पद बयान दिया था जिसकी जमकर आलोचना हो रही है. उनके हिसाब से उत्तर भारतीय युवकों में नौकरी पाने की पर्याप्त “क्वालिटी” नहीं है. यही नहीं, जब टीवी एंकर ने उनसे इस बयान से जुड़े सवाल पूछे तो वो उनके कार्यक्रम से ही उठकर चले गए.
दरअसल, ABP न्यूज़ की एंकर रुबिका लियाकत संतोष गंगवार के दिए गए विवादित बयान पर उनका इंटरव्यू ले रही थीं. संतोष से बेरोज़गारी और उनके बयान पर सवाल पूछे गए, विपक्षी नेताओं द्वारा उठाए गए सवालों का भी ज़िक्र किया गया.
लेकिन संतोष गंगवार ने कहा कि जिन लोगों ने पिछले 70 सालों से सरकार चलाई है उनकी वजह से ही युवाओं का ‘स्तर’ अच्छा नहीं है. गंगवार ने एक तरह से अपने विवादित बयान को ही दोहराया है. जब वो सवालों के जवाब देने में असमर्थ रहे तो कार्यक्रम से ही उठ कर चले गए.
संतोष गंगवार के इस बयान की सोशल मीडिया पर खूब आलोचना हो रही है. प्रियंका गाँधी से लेकर मायावती ने इस बयान को गलत बताया है. अगर रोज़गार से जुड़े आंकड़ों को देखा जाए तो संतोष गंगवार का बयान अपने आप में गलत साबित हो जाता है.
इसी महीने की सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकॉनमी (CMIE) की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में बेरोज़गारी दर पिछले तीन सालों में सबसे ज़्यादा है, यानी कि 8.4%.
क्या मोदी सरकार के मंत्री इस तरह के बयान असल मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए करते हैं?
सोर्स Bolta Hindustan
दरअसल, ABP न्यूज़ की एंकर रुबिका लियाकत संतोष गंगवार के दिए गए विवादित बयान पर उनका इंटरव्यू ले रही थीं. संतोष से बेरोज़गारी और उनके बयान पर सवाल पूछे गए, विपक्षी नेताओं द्वारा उठाए गए सवालों का भी ज़िक्र किया गया.
लेकिन संतोष गंगवार ने कहा कि जिन लोगों ने पिछले 70 सालों से सरकार चलाई है उनकी वजह से ही युवाओं का ‘स्तर’ अच्छा नहीं है. गंगवार ने एक तरह से अपने विवादित बयान को ही दोहराया है. जब वो सवालों के जवाब देने में असमर्थ रहे तो कार्यक्रम से ही उठ कर चले गए.
संतोष गंगवार के इस बयान की सोशल मीडिया पर खूब आलोचना हो रही है. प्रियंका गाँधी से लेकर मायावती ने इस बयान को गलत बताया है. अगर रोज़गार से जुड़े आंकड़ों को देखा जाए तो संतोष गंगवार का बयान अपने आप में गलत साबित हो जाता है.
इसी महीने की सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकॉनमी (CMIE) की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में बेरोज़गारी दर पिछले तीन सालों में सबसे ज़्यादा है, यानी कि 8.4%.
क्या मोदी सरकार के मंत्री इस तरह के बयान असल मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए करते हैं?
सोर्स Bolta Hindustan

0 Comments