गोरखपुर ऑक्सीजन कांड में बच्चों की जान बचाने वाले को योगी सरकार ने 9 महीने जेल भेज दिया था। दो साल बाद जाकर अब ये बात साफ़ हो पाई कि डॉ कफील निर्दोष है। ये वही मामला है जब साल 2017 के अगस्त महीने में गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की कमी से 60 से ज्यादा बच्चों की मौत हो गई थी।
इस मामले पर क्लीनचिट मिलने पर खुद डॉ कफील ने कहा कि मुझे उस अपराध की सजा दी गई जिसके लिए मैं ज़िम्मेदार ही नहीं था। उन्होंने कहा कि योगी सरकार द्वारा 2 साल की जांच रिपोर्ट के बाद कमीशन ने स्वीकार किया है कि चिकित्सा लापरवाही का कोई सबूत नहीं है। मैं ऑक्सीजन की आपूर्ति / निविदा / रखरखाव / भुगतान या आदेश के साथ कहीं नहीं था।
अब सवाल ये उठता है कि जेल भेजे गए डॉ कफील से योगी सरकार माफ़ी मांगेगी? क्या वो ये कह पाने की हिम्मत जुटा पाएगी कि उससे गलती हुई है। अबतक इस मामले पर बीजेपी के किसी भी नेता की कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। वहीं इस मामले पर पत्रकार साक्षी जोशी ने सोशल मीडिया पर योगी सरकार से सवाल किया है।
साक्षी ने लिखा- डॉक्टर कफील का वाक्या बेहद ही दुर्भाग्यपूर्ण था। लेकिन कोई माफी तक नहीं मांगेगा। एक डॉक्टर का आपने सबकुछ छीन लिया, यहां तक कि उसने खुद जो मदद करने की कोशिश की उसे भी गलत नज़र से देखा, हमें माफ कर दो डॉक्टर।
Sakshi Joshi
✔
@sakshijoshii
डॉक्टर कफील का वाक्या बेहद ही दुर्भाग्यपूर्ण था. लेकिन कोई माफी तक नहीं मांगेगा. एक डॉक्टर का आपने सबकुछ छीन लिया, यहां तक कि उसने खुद जो मदद करने की कोशिश की उसे भी गलत नज़र से देखा.
हमें माफ कर दो डॉक्टर.
#KafeelKhan https://twitter.com/sardesairajdeep/status/1177461388333043713 …
Rajdeep Sardesai
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@sardesairajdeep
The doctor is owed an apology, no? Itna sannata kyon? https://health.economictimes.indiatimes.com/news/industry/up-two-years-after-brd-college-tragedy-govt-probe-absolves-kafeel-khan/71321215 …
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12:28 PM - Sep 27, 2019
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बता दें कि जांच कमेटी ने अपने जांच में ये साफ़ किया है कि यूपी के चिकित्सा शिक्षा विभाग ने 18 अप्रैल को रिपोर्ट सौंपी थी। इस रिपोर्ट में कहा गया था कि कफील ने लापरवाही नहीं की थी और उस रात (10-11 अगस्त 2017) स्थिति पर काबू पाने के लिए सभी तरह के प्रयास किए थे।
इस मामले के चलते कफील को 9 महीने जेल में बिताना पड़ा था। इसके बाद वे बेल पर थे। हालांकि, अभी तक वो सस्पेंड चल रहे थे। डॉ काफील ने इस मामले में सीबीआई जांच की भी मांग की थी
इस मामले पर क्लीनचिट मिलने पर खुद डॉ कफील ने कहा कि मुझे उस अपराध की सजा दी गई जिसके लिए मैं ज़िम्मेदार ही नहीं था। उन्होंने कहा कि योगी सरकार द्वारा 2 साल की जांच रिपोर्ट के बाद कमीशन ने स्वीकार किया है कि चिकित्सा लापरवाही का कोई सबूत नहीं है। मैं ऑक्सीजन की आपूर्ति / निविदा / रखरखाव / भुगतान या आदेश के साथ कहीं नहीं था।
अब सवाल ये उठता है कि जेल भेजे गए डॉ कफील से योगी सरकार माफ़ी मांगेगी? क्या वो ये कह पाने की हिम्मत जुटा पाएगी कि उससे गलती हुई है। अबतक इस मामले पर बीजेपी के किसी भी नेता की कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। वहीं इस मामले पर पत्रकार साक्षी जोशी ने सोशल मीडिया पर योगी सरकार से सवाल किया है।
साक्षी ने लिखा- डॉक्टर कफील का वाक्या बेहद ही दुर्भाग्यपूर्ण था। लेकिन कोई माफी तक नहीं मांगेगा। एक डॉक्टर का आपने सबकुछ छीन लिया, यहां तक कि उसने खुद जो मदद करने की कोशिश की उसे भी गलत नज़र से देखा, हमें माफ कर दो डॉक्टर।
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डॉक्टर कफील का वाक्या बेहद ही दुर्भाग्यपूर्ण था. लेकिन कोई माफी तक नहीं मांगेगा. एक डॉक्टर का आपने सबकुछ छीन लिया, यहां तक कि उसने खुद जो मदद करने की कोशिश की उसे भी गलत नज़र से देखा.
हमें माफ कर दो डॉक्टर.
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इस मामले के चलते कफील को 9 महीने जेल में बिताना पड़ा था। इसके बाद वे बेल पर थे। हालांकि, अभी तक वो सस्पेंड चल रहे थे। डॉ काफील ने इस मामले में सीबीआई जांच की भी मांग की थी
गोरखपुर ऑक्सीजन कांड में बच्चों की जान बचाने वाले को योगी सरकार ने 9 महीने जेल भेज दिया था। दो साल बाद जाकर अब ये बात साफ़ हो पाई कि डॉ कफील निर्दोष है। ये वही मामला है जब साल 2017 के अगस्त महीने में गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की कमी से 60 से ज्यादा बच्चों की मौत हो गई थी।
इस मामले पर क्लीनचिट मिलने पर खुद डॉ कफील ने कहा कि मुझे उस अपराध की सजा दी गई जिसके लिए मैं ज़िम्मेदार ही नहीं था। उन्होंने कहा कि योगी सरकार द्वारा 2 साल की जांच रिपोर्ट के बाद कमीशन ने स्वीकार किया है कि चिकित्सा लापरवाही का कोई सबूत नहीं है। मैं ऑक्सीजन की आपूर्ति / निविदा / रखरखाव / भुगतान या आदेश के साथ कहीं नहीं था।
अब सवाल ये उठता है कि जेल भेजे गए डॉ कफील से योगी सरकार माफ़ी मांगेगी? क्या वो ये कह पाने की हिम्मत जुटा पाएगी कि उससे गलती हुई है। अबतक इस मामले पर बीजेपी के किसी भी नेता की कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। वहीं इस मामले पर पत्रकार साक्षी जोशी ने सोशल मीडिया पर योगी सरकार से सवाल किया है।
साक्षी ने लिखा- डॉक्टर कफील का वाक्या बेहद ही दुर्भाग्यपूर्ण था। लेकिन कोई माफी तक नहीं मांगेगा। एक डॉक्टर का आपने सबकुछ छीन लिया, यहां तक कि उसने खुद जो मदद करने की कोशिश की उसे भी गलत नज़र से देखा, हमें माफ कर दो डॉक्टर।
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इस मामले के चलते कफील को 9 महीने जेल में बिताना पड़ा था। इसके बाद वे बेल पर थे। हालांकि, अभी तक वो सस्पेंड चल रहे थे। डॉ काफील ने इस मामले में सीबीआई जांच की भी मांग की थी
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इस मामले के चलते कफील को 9 महीने जेल में बिताना पड़ा था। इसके बाद वे बेल पर थे। हालांकि, अभी तक वो सस्पेंड चल रहे थे। डॉ काफील ने इस मामले में सीबीआई जांच की भी मांग की थी

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