पिछले कुछ दिनों से देश की अर्थव्यवस्था की स्थिति लगातार गिरते ही जा रही है. बेरोजगारी एक तरफ बढ रही है तो वहीं लगभग सभी सेक्टर में काम धंधे ठप्प होने के कगार पर खड़ी है. वहीं अब कांग्रेस ने एक बार फिर मोदी सरकार पर हमला बोला है. ने शनिवार को मीडिया में आई खबरों का हवाला देते हुए कांग्रेस ने दावा किया कि देश का कुल कर्ज बढ़कर 88.18 लाख करोड़ रुपये हो गया है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कह रहे हैं कि ‘भारत में सब अच्छा है.’
कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने यह आरोप भी लगाया कि सरकार आम जनता को राहत देने की बजाय कारपोरेट जगत को राहत दे रही है. उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ”सिर्फ यह बोल देने से सब अच्छा नहीं हो जाता कि भारत में सब अच्छा है.” सुप्रिया ने कहा, ”इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही में भारत का कर्ज 88.18 लाख करोड़ रुपये हो गया है. यह इससे पहली की तिमाही के मुकाबले करीब चार फीसदी अधिक है. यह चिंता का विषय है.”
कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने यह आरोप भी लगाया कि सरकार आम जनता को राहत देने की बजाय कारपोरेट जगत को राहत दे रही है. उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ”सिर्फ यह बोल देने से सब अच्छा नहीं हो जाता कि भारत में सब अच्छा है.” सुप्रिया ने कहा, ”इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही में भारत का कर्ज 88.18 लाख करोड़ रुपये हो गया है. यह इससे पहली की तिमाही के मुकाबले करीब चार फीसदी अधिक है. यह चिंता का विषय है.”
पिछले कुछ दिनों से देश की अर्थव्यवस्था की स्थिति लगातार गिरते ही जा रही है. बेरोजगारी एक तरफ बढ रही है तो वहीं लगभग सभी सेक्टर में काम धंधे ठप्प होने के कगार पर खड़ी है. वहीं अब कांग्रेस ने एक बार फिर मोदी सरकार पर हमला बोला है. ने शनिवार को मीडिया में आई खबरों का हवाला देते हुए कांग्रेस ने दावा किया कि देश का कुल कर्ज बढ़कर 88.18 लाख करोड़ रुपये हो गया है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कह रहे हैं कि ‘भारत में सब अच्छा है.’
कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने यह आरोप भी लगाया कि सरकार आम जनता को राहत देने की बजाय कारपोरेट जगत को राहत दे रही है. उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ”सिर्फ यह बोल देने से सब अच्छा नहीं हो जाता कि भारत में सब अच्छा है.” सुप्रिया ने कहा, ”इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही में भारत का कर्ज 88.18 लाख करोड़ रुपये हो गया है. यह इससे पहली की तिमाही के मुकाबले करीब चार फीसदी अधिक है. यह चिंता का विषय है.”
कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने यह आरोप भी लगाया कि सरकार आम जनता को राहत देने की बजाय कारपोरेट जगत को राहत दे रही है. उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ”सिर्फ यह बोल देने से सब अच्छा नहीं हो जाता कि भारत में सब अच्छा है.” सुप्रिया ने कहा, ”इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही में भारत का कर्ज 88.18 लाख करोड़ रुपये हो गया है. यह इससे पहली की तिमाही के मुकाबले करीब चार फीसदी अधिक है. यह चिंता का विषय है.”

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