महाराष्ट्र इलेक्शन का रिजल्ट आये आज चार दिन हो गये हैं लेकिन अभी तक बीजेपी और शिवसेना में डील नहीं हो पायी है, जिसकी सबसे बड़ी वजह बताई जा रही है शिवसेना की ‘लिखित’ वाली डिमाँड!
शिवसेना अड़ी हुई है कि उसे बीजेपी से लिखित में चाहिए कि माल का बँटवारा 50-50 होगा और ढाई साल शिवसेना का सीएम रहेगा। बीजेपी ने इस डिमाँड को पूरा करने में लाचारी जता दी है।
बीजेपी के अध्यक्ष (दिखावटी वाले) जेपी नड्डा ने कहा, “लिखकर कैसे दे दें भाईसाब! जब हमारे यहाँ किसी को पढ़ना-लिखना ही नहीं आता!”
“ये जानबूझकर ऐसी डिमाँड कर रहे हैं, जिसे हम पूरा कर ही नहीं सकते! शिवसेना वालों को अच्छी तरह पता है कि हमारे यहाँ पढ़े-लिखे लोग नहीं हैं, जो दो-चार हैं भी तो वे सब फ़र्ज़ी डिग्री वाले हैं।”
“ये अगर बोलेंगे कि चील का पेशाब ला दो तो हम वो भी ला देंगे, पर ये लिखित वाली डिमाँड…ये तो हम किसी क़ीमत पर भी पूरी नहीं कर सकते।” – नड्डा जी ने पसीना पोंछते हुए कहा।
फिलहाल, इस डिमाँड की वजह से दोनों पार्टियों का ठगबंधन गठबंधन अब खटाई में पड़ता नज़र आ रहा है। लेकिन अंदर से एक ख़बर ये भी आ रही है कि शाहजी जी शिवसेना को ‘मैजिक पेन’ से लिखकर देने वाले हैं, जिसका लिखा हुआ कुछ दिन बाद अपने आप ग़ायब हो जायेगा।
शिवसेना अड़ी हुई है कि उसे बीजेपी से लिखित में चाहिए कि माल का बँटवारा 50-50 होगा और ढाई साल शिवसेना का सीएम रहेगा। बीजेपी ने इस डिमाँड को पूरा करने में लाचारी जता दी है।
बीजेपी के अध्यक्ष (दिखावटी वाले) जेपी नड्डा ने कहा, “लिखकर कैसे दे दें भाईसाब! जब हमारे यहाँ किसी को पढ़ना-लिखना ही नहीं आता!”
“ये जानबूझकर ऐसी डिमाँड कर रहे हैं, जिसे हम पूरा कर ही नहीं सकते! शिवसेना वालों को अच्छी तरह पता है कि हमारे यहाँ पढ़े-लिखे लोग नहीं हैं, जो दो-चार हैं भी तो वे सब फ़र्ज़ी डिग्री वाले हैं।”
“ये अगर बोलेंगे कि चील का पेशाब ला दो तो हम वो भी ला देंगे, पर ये लिखित वाली डिमाँड…ये तो हम किसी क़ीमत पर भी पूरी नहीं कर सकते।” – नड्डा जी ने पसीना पोंछते हुए कहा।
फिलहाल, इस डिमाँड की वजह से दोनों पार्टियों का ठगबंधन गठबंधन अब खटाई में पड़ता नज़र आ रहा है। लेकिन अंदर से एक ख़बर ये भी आ रही है कि शाहजी जी शिवसेना को ‘मैजिक पेन’ से लिखकर देने वाले हैं, जिसका लिखा हुआ कुछ दिन बाद अपने आप ग़ायब हो जायेगा।
महाराष्ट्र इलेक्शन का रिजल्ट आये आज चार दिन हो गये हैं लेकिन अभी तक बीजेपी और शिवसेना में डील नहीं हो पायी है, जिसकी सबसे बड़ी वजह बताई जा रही है शिवसेना की ‘लिखित’ वाली डिमाँड!
शिवसेना अड़ी हुई है कि उसे बीजेपी से लिखित में चाहिए कि माल का बँटवारा 50-50 होगा और ढाई साल शिवसेना का सीएम रहेगा। बीजेपी ने इस डिमाँड को पूरा करने में लाचारी जता दी है।
बीजेपी के अध्यक्ष (दिखावटी वाले) जेपी नड्डा ने कहा, “लिखकर कैसे दे दें भाईसाब! जब हमारे यहाँ किसी को पढ़ना-लिखना ही नहीं आता!”
“ये जानबूझकर ऐसी डिमाँड कर रहे हैं, जिसे हम पूरा कर ही नहीं सकते! शिवसेना वालों को अच्छी तरह पता है कि हमारे यहाँ पढ़े-लिखे लोग नहीं हैं, जो दो-चार हैं भी तो वे सब फ़र्ज़ी डिग्री वाले हैं।”
“ये अगर बोलेंगे कि चील का पेशाब ला दो तो हम वो भी ला देंगे, पर ये लिखित वाली डिमाँड…ये तो हम किसी क़ीमत पर भी पूरी नहीं कर सकते।” – नड्डा जी ने पसीना पोंछते हुए कहा।
फिलहाल, इस डिमाँड की वजह से दोनों पार्टियों का ठगबंधन गठबंधन अब खटाई में पड़ता नज़र आ रहा है। लेकिन अंदर से एक ख़बर ये भी आ रही है कि शाहजी जी शिवसेना को ‘मैजिक पेन’ से लिखकर देने वाले हैं, जिसका लिखा हुआ कुछ दिन बाद अपने आप ग़ायब हो जायेगा।
शिवसेना अड़ी हुई है कि उसे बीजेपी से लिखित में चाहिए कि माल का बँटवारा 50-50 होगा और ढाई साल शिवसेना का सीएम रहेगा। बीजेपी ने इस डिमाँड को पूरा करने में लाचारी जता दी है।
बीजेपी के अध्यक्ष (दिखावटी वाले) जेपी नड्डा ने कहा, “लिखकर कैसे दे दें भाईसाब! जब हमारे यहाँ किसी को पढ़ना-लिखना ही नहीं आता!”
“ये जानबूझकर ऐसी डिमाँड कर रहे हैं, जिसे हम पूरा कर ही नहीं सकते! शिवसेना वालों को अच्छी तरह पता है कि हमारे यहाँ पढ़े-लिखे लोग नहीं हैं, जो दो-चार हैं भी तो वे सब फ़र्ज़ी डिग्री वाले हैं।”
“ये अगर बोलेंगे कि चील का पेशाब ला दो तो हम वो भी ला देंगे, पर ये लिखित वाली डिमाँड…ये तो हम किसी क़ीमत पर भी पूरी नहीं कर सकते।” – नड्डा जी ने पसीना पोंछते हुए कहा।
फिलहाल, इस डिमाँड की वजह से दोनों पार्टियों का ठगबंधन गठबंधन अब खटाई में पड़ता नज़र आ रहा है। लेकिन अंदर से एक ख़बर ये भी आ रही है कि शाहजी जी शिवसेना को ‘मैजिक पेन’ से लिखकर देने वाले हैं, जिसका लिखा हुआ कुछ दिन बाद अपने आप ग़ायब हो जायेगा।

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