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    सिखों के बड़े संगठन अकाल तख़्त ने की मांग, आरएसएस पर लगाया जाए बैन

    सिखों के एक बड़े संगठन अकाल तख्त के प्रमुख ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने आरएसएस पर बैन लगाने की मांग की है। अकाल तख़्त ने कहा है कि आरएसएस जो काम कर रहा उससे देश के बंटने का ख़तरा बढ़ा है।

    अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत ने अमृतसर में कहा की आरएसएस  बैन कर देना चाहिए। मुझे लगता है कि आरएसएस जिस तरह से काम कर रहा है उससे वह देश में भेदभाव की एक नई लकीर खींच देगा।” भाजपा पर आरएसएस के प्रभाव के सवाल पर जत्थेदार ने कहा – ऐसा है तो यह देश के लिए अच्छा नहीं है। यह देश को नुकसान पहुंचाएगा और उसे तबाह कर देगा।

    गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही संघ संचालक मोहन भागवत ने देश में मॉब लिंचिंग की अलग-अलग घटनाओं को लेकर बयान दिया था और इसे पश्चिमी सोच बताया था। साथ ही कहा था कि ”देश को बदनाम करने के लिए भारत के संदर्भ में इसका इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।”

    बता दें की बीते दिनों आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा था कि संघ अपने इस नजरिए पर अडिग है कि ‘भारत एक हिंदू राष्ट्र’ है। विजयदशमी के दिन नागपुर में अपने संबोधन में संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा था कि राष्ट्र के वैभव और शांति के लिए काम कर रहे सभी भारतीय ‘हिंदू’ हैं। संघ की अपने राष्ट्र की पहचान के बारे में, हम सबकी सामूहिक पहचान के बारे में, हमारे देश के स्वभाव की पहचान के बारे में स्पष्ट दृष्टि व घोषणा है, वह सुविचारित व अडिग है, कि भारत हिंदुस्तान, हिंदू राष्ट्र है।’

    सिखों के एक बड़े संगठन अकाल तख्त के प्रमुख ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने आरएसएस पर बैन लगाने की मांग की है। अकाल तख़्त ने कहा है कि आरएसएस जो काम कर रहा उससे देश के बंटने का ख़तरा बढ़ा है।

    अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत ने अमृतसर में कहा की आरएसएस  बैन कर देना चाहिए। मुझे लगता है कि आरएसएस जिस तरह से काम कर रहा है उससे वह देश में भेदभाव की एक नई लकीर खींच देगा।” भाजपा पर आरएसएस के प्रभाव के सवाल पर जत्थेदार ने कहा – ऐसा है तो यह देश के लिए अच्छा नहीं है। यह देश को नुकसान पहुंचाएगा और उसे तबाह कर देगा।

    गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही संघ संचालक मोहन भागवत ने देश में मॉब लिंचिंग की अलग-अलग घटनाओं को लेकर बयान दिया था और इसे पश्चिमी सोच बताया था। साथ ही कहा था कि ”देश को बदनाम करने के लिए भारत के संदर्भ में इसका इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।”

    बता दें की बीते दिनों आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा था कि संघ अपने इस नजरिए पर अडिग है कि ‘भारत एक हिंदू राष्ट्र’ है। विजयदशमी के दिन नागपुर में अपने संबोधन में संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा था कि राष्ट्र के वैभव और शांति के लिए काम कर रहे सभी भारतीय ‘हिंदू’ हैं। संघ की अपने राष्ट्र की पहचान के बारे में, हम सबकी सामूहिक पहचान के बारे में, हमारे देश के स्वभाव की पहचान के बारे में स्पष्ट दृष्टि व घोषणा है, वह सुविचारित व अडिग है, कि भारत हिंदुस्तान, हिंदू राष्ट्र है।’

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