Contact Form

Name

Email *

Message *

Like Us Fanpage

loading...

Recent Post

    Infolinks text ads

    बीजेपी सांसद गौतम गंभीर का इस्तीफा, नाराजगी की बड़ी वजह सामने आई

    लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की तरफ से प्रत्याशी रहे गौतम गंभीर काफी चर्चाओं में रहे थे गौतम गंभीर पर लोकसभा चुनाव में कई आरोपी लगे थे गौतम गंभीर ने आम आदमी पार्टी के कद्दावर नेता आतिशी के खिलाफ चुनाव लड़ा था गौतम गंभीर पर आरोप लगे थे कि उन्होंने आदिति के बारे में गलत बातें प्रचारित की थी उसके बाद भी गौतम गंभीर लंबे वोटों के मार्जिन से चुनाव जीतने में कामयाब रहे थे.

    अब गौतम गंभीर को लेकर जो खबर सामने आ रही है उससे सियासी तूफान खड़ा हो गया है आपको बता दें इस खबर ने राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है गौतम गंभीर के इस कदम से विरोधी दलों को बोलने का मौका भी मिल गया है फिलहाल सत्ता पक्ष और गंभीर के करीबी इस मामले पर कोई भी बयान देने से बच रहे हैं लेकिन गौतम गंभीर के इस्तीफे के बाद मीडिया भी गौतम गंभीर से सवाल कर रहा है लेकिन वतन गंभीर उन सवालों को नजरअंदाज करते नजर आ रहे हैं.



    भारतीय टीम के पूर्व सलामी बल्लेबाज और मौजूदा भाजपा सासंद गौतम गंभीर ने दिल्ली जिला एवं राज्य क्रिकेट संघ (डीडीसीए) के निदेशक पद से इस्तीफा दे दिया है। गंभीर का कहना है कि निर्देशक के तौर पर वह जो डीडीसीए में करना चाहते थे वह हो नहीं पा रहा था। वह खिलाडिय़ों के लिए कई बदलाव लाना चाहते थे लेकिन DDCA में कुछ ऐसे फैसले हुए हैं जो उन्हें पसंद नहीं है। जब तक वह निर्देशक रहे उन्होंने कई प्रस्ताव रखे लेकिन हर बार उन्हें दरकिनार कर दिया गया।

    उन्होने आगे कहा, वैसे भी सांसद बनने के कारण उनकी जिम्मदारियां बढ़ गई हैं। ऐसे में उनके पास DDCA के लिए आगे काम करने के लिए वक्त की कमी रहेगी। ऐसे में उन्होंने इस पद को छोडऩा ही अच्छा समझा। बहरहाल, गंभीर ने अपना इस्तीफा खेल मंत्री किरण रिजिजू को भेज दिया है।

    उनके इस्तीफे के बारे में डीडीसीए की तरफ से कोई बयान नहीं आया है। गौतम गंभीर ने पिछले साल दिसंबर में अपना अंतिम मैच दिल्ली के लिए खेला था और उसके बाद संन्यास की घोषणा कर दी थी।

    बताया जा रहा है कि गौतम गंभीर चाहते थे कि दिल्ली के लिए खेलने वाले सभी खिलाड़ियों को डीडीसीए अच्छी मेडिकल सुविधा के साथ ही खाना भी अच्छे दे। निर्देशक रहते वह इन सभी चीजों को सुधारना चाहते थे लेकिन ऐसा नहीं हो पा रहा था। यही वजह है कि उन्होंने नाराज होकर अपने पद से इस्तीफा दे दिया।

    लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की तरफ से प्रत्याशी रहे गौतम गंभीर काफी चर्चाओं में रहे थे गौतम गंभीर पर लोकसभा चुनाव में कई आरोपी लगे थे गौतम गंभीर ने आम आदमी पार्टी के कद्दावर नेता आतिशी के खिलाफ चुनाव लड़ा था गौतम गंभीर पर आरोप लगे थे कि उन्होंने आदिति के बारे में गलत बातें प्रचारित की थी उसके बाद भी गौतम गंभीर लंबे वोटों के मार्जिन से चुनाव जीतने में कामयाब रहे थे.

    अब गौतम गंभीर को लेकर जो खबर सामने आ रही है उससे सियासी तूफान खड़ा हो गया है आपको बता दें इस खबर ने राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है गौतम गंभीर के इस कदम से विरोधी दलों को बोलने का मौका भी मिल गया है फिलहाल सत्ता पक्ष और गंभीर के करीबी इस मामले पर कोई भी बयान देने से बच रहे हैं लेकिन गौतम गंभीर के इस्तीफे के बाद मीडिया भी गौतम गंभीर से सवाल कर रहा है लेकिन वतन गंभीर उन सवालों को नजरअंदाज करते नजर आ रहे हैं.



    भारतीय टीम के पूर्व सलामी बल्लेबाज और मौजूदा भाजपा सासंद गौतम गंभीर ने दिल्ली जिला एवं राज्य क्रिकेट संघ (डीडीसीए) के निदेशक पद से इस्तीफा दे दिया है। गंभीर का कहना है कि निर्देशक के तौर पर वह जो डीडीसीए में करना चाहते थे वह हो नहीं पा रहा था। वह खिलाडिय़ों के लिए कई बदलाव लाना चाहते थे लेकिन DDCA में कुछ ऐसे फैसले हुए हैं जो उन्हें पसंद नहीं है। जब तक वह निर्देशक रहे उन्होंने कई प्रस्ताव रखे लेकिन हर बार उन्हें दरकिनार कर दिया गया।

    उन्होने आगे कहा, वैसे भी सांसद बनने के कारण उनकी जिम्मदारियां बढ़ गई हैं। ऐसे में उनके पास DDCA के लिए आगे काम करने के लिए वक्त की कमी रहेगी। ऐसे में उन्होंने इस पद को छोडऩा ही अच्छा समझा। बहरहाल, गंभीर ने अपना इस्तीफा खेल मंत्री किरण रिजिजू को भेज दिया है।

    उनके इस्तीफे के बारे में डीडीसीए की तरफ से कोई बयान नहीं आया है। गौतम गंभीर ने पिछले साल दिसंबर में अपना अंतिम मैच दिल्ली के लिए खेला था और उसके बाद संन्यास की घोषणा कर दी थी।

    बताया जा रहा है कि गौतम गंभीर चाहते थे कि दिल्ली के लिए खेलने वाले सभी खिलाड़ियों को डीडीसीए अच्छी मेडिकल सुविधा के साथ ही खाना भी अच्छे दे। निर्देशक रहते वह इन सभी चीजों को सुधारना चाहते थे लेकिन ऐसा नहीं हो पा रहा था। यही वजह है कि उन्होंने नाराज होकर अपने पद से इस्तीफा दे दिया।

    0 Comments